पहले भी पराजय पायी है पोंटिंग ने पर इतने पराभूत, इतने पशेमां नहीं पाए गए. यह लगातार दो बार पराजय प्रति पराजय उन्हें अपने पिछवाड़ेपर ऐसा प्रशस्त पाद प्रहार प्रतीत हो रही है जिसनेउन्हें दल की प्रधानी से परे कर दिया. सुनते हैंपोंटिंग का प्रतिस्थापन्न प्रबंधन ने पहचान लिया है.विश्वकप के पराजय के बाद ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों के प्रलाप साथ साथ चैपल सरीखे कई दिग्गजों का भी था अलाप कि पोंटिंग हैं फ्लॉप, उनके लिए कप्तानी, दलप्रधानी छोड़्ने का यह सबसे माकूल मौका है, पदच्युत पोंटिंग टीम में प्लेयर बने रहेंगे,पर प्रतिष्ठा पर हुए इस प्रतिघात से वह ज्यादापरेशान हैं.
टीम की पराजय के चलते पिटे पिटे से पोंटिंग प्रभावहीन तरीके से प्रतिवाद करते हैं, 'बला से टीम हार गई हो पर 13 महीने बाद बोला उनका बल्ला उनकी उनकी पराक्रम और प्रभुत्व का पुनर्जन्म है',वे दावा करते हैं कि वह भी सचिन की तरह एक बार फिर उभरेंगे. सच है, पोंटिंग में कठिनाईयों को कट कर देने का कौशल है तो परेशानियों को पुल करने का पराक्रम और हतभाग को हुक कर देने का हुनर भी पर हाय, कुछ काम ना आया बुरे वक्त में,बे- ईमानी भी बरतरफ हो गई. क्रिकेट के कपाल पर काबिज होने का दंभ और उनका बनाया कुव्वतुल क्रिकेट का किला कथित कालों के करिश्माई कारनामों से जमींदोज हो जाएगा, ऐसा उन्हें इमकान न था. पूर्व के प्रयासों पर इस प्रकारपानी फिर जाएगा, पासे ऐसे पलटेंगें, कहां पता था.पिछली प्रतियोगिता में प्रकट प्रकरणों के प्रति पश्चाताप प्रकटीकरण के पश्चात भी प्रचंड प्रहारों के प्रतापी प्लेयर से प्रारब्ध इस प्रकार प्रतिशोध लेगा,उनकी समझ से परे है. टेट टेंबोल गए , ली भी उतने लायक साबित नहीं हुए, हेडेन और हॉग को याद कर हाय हाय करने से भी क्या हासिल? चिर प्रतिद्वंदी इंग्लैंड से एशेज में हार, बंग्लादेश से बे-ईज्जत होना, डेब्यू टेस्ट में चार रन से शतक चूकना, लगातार सोलह टेस्ट मैचों के बाद भारत से हारना, इन सबसे ज्यादा विश्व कप 2011 में में 34 वन डे के बाद पहले पाकिस्तान से और फिर भारत से एक के बाद एक इस प्रवस्था में मिली पराजय बहुत साल रही है पोंटिंग को.

ऑस्ट्रेलिआई जिसे आधुनिक ब्रेडमैन बखानते हों,सबसे प्यारा , प्रखर, प्रतिभावान, पराक्रमी,प्रतिष्ठित, क्रिकेटर मान पूजते हों उसे पराए देश के प्रांगण में ऐसी पटखनी खाकर प्रहसन का पात्र बनना पडेगा, पोंटिंग के प्रशंसकों को ऐसी प्रत्याशा न थी. अब तक के प्रभावी प्रदर्शन से प्रभामंडल को दोहरी पराजय का यह प्रतिकूल प्रचार प्रवाह पोंछ देगा, पिछले प्रकरणों की प्रतिछाया में यह प्रदर्शन प्रबल, प्रखर पैरोकारों को भी पैरवी से परे कर देगा,पोंटिंग को पता है. प्रपंचों, पचड़ों में पड़े रहने वाले पोंटिंग प्रताड़नाओं की परवाह तो करते नहीं क्योंकि उन्हें प्यार से ज्यादा प्रचार भाता है साथ हीआरोपों- प्रत्यारोपों से पार पाने के प्रतिकारी पैंतरें क्या हों, यह उनको आता है फिर भी विश्वकप में पराजय का पहाड सरीखा यह प्रस्तरीय प्रश्न प्रतिक्षण प्रमुदित, प्रफुल्लित, प्रहर्षित, प्रगल्भ रहने वाले पोंटिंग को परेशान किए हुए हैं.

तीखे, तुर्श तेवरों वाले तेज - तर्रार पोंटिंग तूफानीगेंदबाजों के प्रति भीषण आक्रामक हैं लेकिन भारतीय फिरकी के आगे अकसर फ्लैट हो जाते हैं.रिकी रार के लिए जाने जाते हैं. बिली बाउडन से भिड़् चुके हैं तो कोलकाता के क्लब में कहा सुनी के कारण बाहर फेंके जा चुके हैं. पब के बाहर हुए लफड़े ने उन्हें टीम से निलंबित करवाया, ग्रेफाइटी बल्ले के प्रयोग पर शर्मसार होना पडा, पवार प्रकरण तथा ड्रेसिंग रूम की टीवी तोडने पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी तो ऐसी कई हरकतों के चलते उन्हें जुरमाना भरना पडा है.प्रमादी, पियक्कड़्, पंटर,पोंटिंग बहुत बार टीम से बाहर हुए कभी चल ना पाने के चलते तो कभी चाल चलन के कारण.
ल्यूसेंसटन, तस्मानिया में 19 दिसंबर 1974 को जन्मे पोंटिंग ने पढाई को परिहार्य माना, वे हायर सेकंडरी तक ही पढे, माउब्रे प्राइमरी पाठशाला से किसी तरह प्रथमिक पढाई पूरी कर वे ओस्ट्रेलिया एकेडमी के छात्र बने. पोंटिंग ने अपनी प्रतिभा से रॉड मार्श को प्रभावित किया, मार्श में पालने ही पूत के पांव देखे इस होनहार बिरवा के चीकने पात और पुष्पित पल्ल्वित हों यही सोच वे पोंटिंग को तस्मानिया की टीम में ले आए. पोंटिंग पढाई में भले ही प्रथम न आते रहे हों और उनके लिए पढाईउलझी प्रमेय साबित हुई हो, लेकिन प्रेम प्रचुर मात्रा में किया. अंतत: पढाई छूटने के बाद रायन्नी से पनपे प्रगाढ प्रेम की अपनी सुदीर्घ पारी खेलने केबाद 2002 में शादी कर ली. अपने क्रिकेटीय कौशल से पोंटिंग ने कई कीर्तिमानी कारनामे कर दिखाए हैं. छतीस बरस के पोंटिंग आज सचिन और लारा के बाद संसार के सबसे समर्थ बल्लेबाज हैं इसमें शक नहीं. 359 एकदिवसीय मैचों में 13228,तेस्ट मैचों में 39 शतक के साथ 12363रन यही बताते हैं. चुस्ती चौकन्नेपन में भी पोंटिंग का सानी नहीं सर्वाधिक रन आउट करने का कीर्तिमान भी इन्हीं के नाम है. अपने पराक्रम, प्रदर्शन से भारी मात्रा में पैसा और प्रसिद्धि बटोरने वाले पोंटिंग को ग्रे हाउंड रेस, घुडदौड में बोली लगाना गोल्फ खेलना, फुटबॉल मैच देखना भी पसंद है. आधा दर्जन से ज्यादा पुस्तकों के लेखक, सह लेखक रह चुके पोंटिंग दर्जन भर से ज्यादा मशहूर प्रोडक्ट्स के प्रचार में शामिल हैं. मैदान हो या के उससे बाहर, प्रतिकूल परिस्थितियों से पार पाने में पोंटिंग पारंगत हैं, प्रधानी फिर पानी है तो इस बार प्रतापी पोंटिंग को यह प्रबल और प्रभावी तरीके से साबित करना होगा.फिलहाल तो पिटे पोंटिंग की परेशानियों का पारावार नहीं.